उत्तराखंड सांस्कृतिक मंच बुराड़ी, दिल्ली द्वारा आगामी 14 मार्च 2026 को फूलदेई संक्रांति के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड पार्ट-2, फूलबाग, शास्त्रीपार्क एक्सटेंशन में किया जा रहा है। 14 मार्च 2026 को सुबह 8:00 बजे फूलदेई पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात 15 मार्च 2026 को दोपहर 2:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आप सभी सपरिवार इस पावन अवसर पर सादर आमंत्रित हैं। आइए, अपने बच्चों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोक पर्वों से परिचित कराएँ तथा उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।
उत्तराखंड सांस्कृतिक मंच बुराड़ी, दिल्ली द्वारा आगामी 14 मार्च 2026 को फूलदेई संक्रांति के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन उत्तराखंड पार्ट-2, फूलबाग, शास्त्रीपार्क एक्सटेंशन में किया जा रहा है। 14 मार्च 2026 को सुबह 8:00 बजे फूलदेई पदयात्रा का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात 15 मार्च 2026 को दोपहर 2:00 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आप सभी सपरिवार इस पावन अवसर पर सादर आमंत्रित हैं। आइए, अपने बच्चों को उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोक पर्वों से परिचित कराएँ तथा उन्हें अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के लिए प्रेरित करें।

उत्तराखंड सांस्कृतिक मंच बुराड़ी

देवभूमि उत्तराखंड के कर्मठ, देशभक्त एवं अपनी मेहनत के बलबूते अपनी जमीन तैयार करने वाले उत्तराखंड के भाई- बंधु

कालांतर में अपनी रोजी-रोटी की तलाश हेतु अपने मातृ प्रदेश से निकलकर देश एवं विदेश के अलग- अलग शहरों एवं

महानगरो में अपने को स्थापित करते हुए उन्हीं जगहों पर रहने लगे । ऐसे ही कुछ परिवारों ने देवभूमि उत्तराखंड से

निकलकर दिल्ली नगरी तथा इसके आसपास के स्थानों को अपनी कर्मस्थली के रूप में चुना।

धीरे-धीरे जैसे -जैसे इनकी संख्या में कुछ बढ़ोत्तरी हुई तो समाज के कुछ दूरदर्शी महानुभावों ने यह महसूस किया कि अपने घरों से इतनी दूर रह रहे समाज के भाई- बंधु लोगों के बीच आपसी मेल- मिलाप तथा हमारी गढ़वाल तथा कुमाऊँ

अंचल की महान संस्कृति के संवर्धन हेतु क्यूँ न एक उत्तराखंड सांस्कृतिक संस्था की स्थापना की जाये।

आपस मे विचार विमर्श करने के पश्चात 2023 मे उत्तराखंड सांस्कृतिक मंच बुराड़ी की स्थापना हुई।

वर्तमान में संस्था अत्यंत सुचारू रूप से कार्य करते हुए प्रतिवर्ष तरक्की के पथ पर अग्रसर है।संस्था के द्वारा प्रतिवर्ष

कुछ सांस्कृतिक तथा कुछ सामाजिक कार्यक्रम करवाये जा रहे हैं.

जय देवभूमि, जय उत्तराखंड